ट्रांसफेमोरल एओर्टिक वाल्व इंप्लांटेशन

हृदय का एओर्टिक (महाधमनी) वाल्व की सामान्य एनाटॉमी (शरीर रचना), और उसका कार्य, एओर्टिक वाल्व के लीफ़्लेट्स (पत्रक) के केल्सिफिकेशन (उन पर कैल्शियम जमा होना) के कारण वाल्व का स्टेनोसिस या नेरोइंग (उसका संकीर्ण होना), और ट्रांसफेमोरल एओर्टिक वाल्व इंप्लांटेशन की मिनिमली इंवेसिव (कम आक्रमक) प्रक्रिया – जो की उन मरीजों के लिए की जाती है जो अपने केल्सिफाइड और स्टेनोटिक वाल्व को ओपन सर्जरी (ऑपरेशन करने की खुली पद्धति) के द्वारा रिप्लेस (बदलना) नहीं करा सकते हैं – यह सब यहाँ दर्शाया गया है।